Thank You (for NOT Inviting Me to Your Party)

Yuck!

I threw that paper plate in the dustbin.

Let’s try this stall.

Disgusting!

Okay, let’s take another chance.

What the fuck!

That’s how I felt while struggling to find something worthy of eating – to comfort my growling stomach.

I had been invited to a marriage function–a party, you know.

And I was kind of hungry, for obvious reasons–first, it was supposed to be a dinner, and second, I had skipped my early evening meal thinking that since that was the last day of my refeed regimen (I am eating in a caloric deficit to get shredded since January 13th 2019) I would rather eat rice and lots of another mouth-watering dishes at the party than munching on a boring cornflakes and protein powder snack.

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My Favourite Movie Quotes of All Time

Movies quotes are interesting – they can move you, they can motivate you, can make you laugh, or they can make you think. That’s the power of movie quotes. Here are my favourite movie quotes of all time.

The Lord of the Rings

“A wizard is never late, Frodo Baggins, nor is he early. He arrives precisely when he means to.” – Gandalf, The Lord of the Rings

“All we have to decide is what to do with the time given to us.” – Gandalf, The Lord of the Rings

“Courage is the best defence that you have now.” – Gandalf, The Lord of the Rings

‘You shall not pass.” – Gandalf, The Lord of the Rings

“Go back Sam.

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Hindi Poem: जब तक क्षितिज न मिल जाये

“आओ,

मिलकर प्रकाशमान बनाएं इस धरा को

खिलाएं कुसुम प्रेम के

सागर के पार जायें

हो व्याकुल उत्कंठा से, नव चेतना के गीत गायें

बस बढ़ते ही जायें

जब तक क्षितिज न मिल जाये।”

-by Avdhesh Tondak

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Hindi Poem: चलते रहो

“चलते रहो

क्यों हो व्याकुल?

क्या पराजय का भय है?

नहीं?

तो फिर क्यों रुक गए

बताओ तो ज़रा?

संभवतः तुम भयभीत हो

कि कहीं ये दुर्घटना न घट जाये

तुम्हे छोड़ मार्ग में

वो प्रिय मित्र तुम्हारा पीछे न हट जाये

ऐसे विचारों से तुम इस मार्ग पर नहीं बढ़ पाओगे

जीवन के ऊंचे-ऊंचे शिखर भला तुम कैसे चढ़ पाओगे?

मेरी मानो तो ऐसे विचार छोड़ दो

परिचित और अपरिचित दोनों से मुख मोड़ लो

तुम्हारा जीवन नाला बनने जा रहा है

अब भी समय है, उसे सागर की ओर मोड़ दो!”

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Hindi Poem: जब तक क्षितिज न मिल जाये

Hindi Poem on Persistence: चल चला चल

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Hindi Poem on Meera: अगर तुम न होते

“किसे कहती मैं साजन

और नयन मेरे व्याकुल

किसके स्वप्न संजोते

अगर तुम न होते।”

 

“किसकी बाट जोहती मैं

किससे रूठती मनुहार करती

किसके लिए मैं सोलह श्रृंगार करती

अगर तुम न होते।”

 

“किसके लिए नृत्य करती गलियों में

क्यों मैं घूँघर बजाती

क्यों नैनों से नीर बहाती

अगर तुम न होते।”

 

“क्यों त्यागती लज्जाभूषण

क्यों मस्त हो खिलखिलाती

किसकी सुरति में मान मर्यादा विस्मृत कर जाती

अगर तुम न होते।”

 

“पीती किसके लिए विष का प्याला

क्यों काँटों की सेज पर सोती

किसकी मोहिनी मूरत पर निछावर होती

अगर तुम न होते।”

 

“किसके लिए रमाती धूनी

किसे सांवरा कहती

दुनिया सारी फिर क्यों मुझे बावरी कहती

अगर तुम न होते।”

 

-by Avdhesh Tondak

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